■■■part 1■■■
किस्मत।ये एक ऐसा लफ्ज है जिस पर हम में से कुछ लोगो को ज्यादा ही विश्वाश होता है। क्योकि मैंने अक्सर बहुतलोगो को कहते हुआ सुना है की अगर किस्मत होगा। तो वो ज़रूर मिलेगा या मिलेगी। या फिर में ये बनुगा। या ये होगा। वगैरह वगैरह दोस्तों किस्मत किसी इंसान को नई बनती। कोई भी इंसान अपनी किस्मत खुद बनाता है। ये कोईफिल्मी बाते नही है। सचाई है। हममे से बहुत लोगो ने शाहरुख़ खान,स्टीव जॉब्स, रजनीकांत,एपीजे अब्दुल कलाम,धीरू भाई अम्बानी, ऐसे कई लोगो का नाम सुना है। सोचो क्या इन सबने अपनी किस्मत की वजह से इस मुकाम पाया है। नही बिलकुल नही। क्योकि ज़िन्दगी वो नई होती। जो हमे मिली है या मिलती है। ज़िन्दगी वो होती ह जो हम बनाते है। हम सब के पास मौके होते है। कुछ बनने के कुछ क्र दिखाने के मगर हम किस्मत का रोना रोकर उसे छोड़ देते है। तो आप लोग अपनी ज़िन्दगी में कोई भी फैसला,काम या ख्वाहिश किस्मत पर मत छोड़ना वरना एक रोज़किस्मत नही ज़िन्दगी भी आपका साथ छोड़ देगी। और फिर अफ़सोस के आलावा और कुछ नही बचेगा।