The science stream junction™ published
12 जुलाई 2012, शायद 2000+ के बाद ये PHYSICS में की गई सबसे बडी खोजो में याद रखा जायें ..... जब God partical की खोज की गई मतलब की Higgs boson..
एक.बहुत बडें PARTICAL accelerator मैं लगभग लाईट की स्पीड से दो प्रोटोन की टक्कर करवाई गई ...... प्रोटोन का ही युज इस लिऐ हुआ क्योकि न्युट्रोन पर कोई चार्ज नही था और इलैक्ट्रान एक बैसिक पारर्टिकल था मतलब उसको और ज्यादा छोटे पार्टिकलस् मैं नही तोडा जा सकता......
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.इस टक्कर से निकल कर आया हिग्स बौसोन यानि द गाड पार्टिकल.
एक.बहुत बडें PARTICAL accelerator मैं लगभग लाईट की स्पीड से दो प्रोटोन की टक्कर करवाई गई ...... प्रोटोन का ही युज इस लिऐ हुआ क्योकि न्युट्रोन पर कोई चार्ज नही था और इलैक्ट्रान एक बैसिक पारर्टिकल था मतलब उसको और ज्यादा छोटे पार्टिकलस् मैं नही तोडा जा सकता......
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.इस टक्कर से निकल कर आया हिग्स बौसोन यानि द गाड पार्टिकल.
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एक बात clear कर लो इसका भगवान से कोई लेना देना नही ... एक कीताब के नाम पर इसका नाम रखा गाया और फीर ये एक traditional name बन गाया.
Let's come on main point..... ये है क्या मतलब higgs boson
इस दुनिया मैं हम जो कुछ भी देखते है.. भले ही वो कुछ भी हो....कुछ भी
उसमें mass (द्रव्यमान) जरूर होता हैं
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लेकिन 1960 के दौरान आसान सा दिखने वाला ये statement बहुत बडी.मिस्ट्री बन गाया था कोई ये नही समझ पा राहा था कि.आखिर कैसे किसी के भी mass आता कैसे हैं.............
Scientistये ढुढ रहे थे कि कैसे इस प्रकृति में force लगता हैं...
जैसे gravitational force, Electromagnetism force, weak force and strong force.
जैसे gravitational force, Electromagnetism force, weak force and strong force.
.....खोज करने पर पता चला की Electromagnetism का जो फोर्स है वो फोटान की मदद से चलता है
और ग्रैवीटी का फोर्स ग्रेवीटोंन की मदद से।
ये दोनो ही पार्टीकल मासलेस है.......होना ये चाहिऐ था कि बाकी बचे जो फोर्स के पार्टिकल भी मासलेस होते क्योकि ये पुरा युनिवर्स एक symmetry को follow करता हैं......
और ग्रैवीटी का फोर्स ग्रेवीटोंन की मदद से।
ये दोनो ही पार्टीकल मासलेस है.......होना ये चाहिऐ था कि बाकी बचे जो फोर्स के पार्टिकल भी मासलेस होते क्योकि ये पुरा युनिवर्स एक symmetry को follow करता हैं......
..........लेकिन रिजल्ट इसके ठीक उल्टे थे
Weak and strong forceको carry करने वाले partical कै पास मास था यानि W & Z Bosons.मासलेस नही थें इन दोनो पर लगभग 80 और 90 GeV/c² massथा......
............ ये एक बहुत बडी चिन्ता की बात थी उस समय के लोग ये सोच तक नही सकते थे की ये युनिर्वस खुद ही अपनी नियम का violation कर सकता हैं और अगर ये violation नही हुआ तो दुसरा सवाल ये उठता कि क्या हमारी PHYSICS को लेकर अब तक की सोच गलत थी.......
........... लेकिन तभी peter higgs और उनके 5 कौलीगस् ने एक नाया आइडिया दिया
The higgs feild
जैसा की होता आया हैं शुरूआत मैं इस कौ ज्यादा attention नही मिलीं...... लेकिन बाद मैं जब ये थ्योरी उन सारे सवालो का जवाब देने मै कामयाब रही तो बडे पैमाने पर इस पर काम किया गाया...।
इस कण को ढुढना कितना जरूरी था इसका अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है इस पर 40 साल और अनगीनत पैसा खर्च कर इस को ढुढा गाया ..... इतने पैसे और समय खर्च करने के बाद भी ये सिर्फ 0.0000000000000000000156 सेकण्ड कै लिऐ ही नजर आया .............यानि सिर्फ 1.56×10^-21 सेकण्ड....
लेकिन ऐसा इसमे क्या है........!💭💭💭💭
Higgs boson वो partical है जिसकी वजह से हम मै मास हैं....मतलब अगर तुम्हारा वजन 65 किलो हैं तो ये 65 किलो वजन तुम्हारे अन्दर इस वजह से है क्योकि higgs boson इस पुरे universe मैं मोजुद हैं ...... अगर ये partical ना होता तो तुम्हारा वजन कुछ भी ना होता in fact तुम ही ना होते.... ये पुरा ब्रहमाण्ड ही ना होता.....क्योकि पुरा universe एक दुसरे से gravitational force की वजह से जुडा हैं और gravitational force लगता ही mass की वजह से है अगर मास नही तो युनिवर्स नहीं.... मतलब की अगर हिग्स बोसोन नही तो.कुछ नहीं
लेकिन हिग्स बोसोन की वजह से वजन कैसे आता है?
सोचो अगर तुम पानी मैं चलते हो तो तुम्हे अपने पैर भारी लगने लगते है.....जैसा तुम्हरा वजन बढ गाया हो.... लेकिन होता क्या है
असल मैं जब तुम पानी मैं चलते हो तो पानी के molecules तुम्हारे पैरो से टकराते हैं क्योकि उनमे एक मोशन होता है इस वजह से वो एक फोर्स लागते है तुम्हारे पैरो पर ...... और हमे लगता है कि हमारा वजन बढ गाया.....
......ठीक ऐसे ही जब कोई भी fundamentals particals हिग्स फिल्ड से गुजरते है तो कई particals बिना हिग्स फिल्ड से interact अ किये ही निकल जाते है जिस वजह से उन पर कोई चार्ज नही होता.... जैसे फोटोंन, ग्रवीटोन , गौज बोसोनस्
लेकिन जो partical हिग्स फिल्ड से interact करते है उन पर एक फोर्स लगता है हिग्स फिल्ड की वजह से (जैसे पानी हमारे पैरो पर लगाता है) और इस तरह उन पर मास आता हैं
यानि जो interactकरेगे़ं उन पर massअयेगा और जो interact नही करेगे वो massless रहेगे........
It is soo simple.....😁😁😁😁😁😁
नहीं इतना भी आसान नही यें अगर इतना आसान होता तो 40 साल ना लगते इसे खोजने मैं
जो example मैंने उपर दिया ये सबसे असान तरीका है इसे समझने का लेकिन ऐसा होता नही....... हिग्स फिल्ड से जुडे हुऐ अभी भी कई ऐसे सवाल है जो जिनका जवाब नही मिला......
लेकिन जितना अभी तक हम जान पायें हैं उसके according ये भी इतना भी छोटा टापिक नहीं कि एक विडीय़ो या एक article लिख कर इसको समझाया जा सके......
.........मैं नही चाहता की जो भी ये article पढे उसके दिमाग मैं सब खोच पोच हो जायें... क्योकि ये न्युटन के नियम नही बल्कि एक ऐसा Topic जिसके बारे मैं आज भी हम सौ प्रतिशत नही जानते...... और खोज जारी है..
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एक सच सुनना चाहोगें......
हिग्स बोसोन पार्टिकल का किसी दुसरे partical को मास देने से कोई लेना देना नही...वो ये काम नही करता और ना ही कर सकता है उसका तो खुद का मास 125GeV/c² है यानि W boson से भी ज्यादा ......याद है ना W boson वो ही partical है जिसके mass को explain करने के लिऐ higgs boson की खोज की गई थीं
समझे मामला.कितना complex है Well अभी के तुम ये question छोड दो और जो main topic है उस पर focus करो
Next Article मैं हमारी basic knowledgeको और बढायेगें और पता करेगें की असल मैं होता क्या है.
If you find it out useful share it....
With iditoness Shubham uma Pundir.



