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इनसाइड स्टोरी 1
■■■ कोलम्बीया ट्रेजीडि■■■
1 फरवरी 2003 को नासा का स्पेस शटल आपनी 28 वीं ऊडान के आभियान मैं धरती के atmosphere मे रि ऐन्ट्री के समय दुर्घटना का शिकार हो गाया था और एक भीषण विस्फोट के बाद ये अमेरीकि राज्य टेक्सिस पर मलबे के रुप में बरस पडा था....... इस accident मे कल्पना चावला समेत 7 लोगो कि जाने गई और अरबो $ का शटल राख हो गाया...................... पर ऐसा उस ऊडान के साथ क्या हुआ था जो 27 ऊडान तो successfully पुरी कर गाया लेकिन अगली ऊडान मै उसके परखच्चे ऊड गये..? After all नासा कि ईज्जत को इससे बहुत बडा बट्टा लगा था....
............... इस पोस्ट का ये second part उस कारण कि ही तलाश है
16 जनवरी 2003 अमेरीका का फ्लोरिडा शहर और इस शहर मे बसा हुआ कैनेडी स्पेस सेंटर ......आज इस ही जगह से कोलम्बीया को लांन्ज किया जाने वाला था लगभग सारी.तैयारीया पुरी हो चुकी थी.और अब स्पेस शटल मे ईधन भरने कि तैयारीया चल रही थी ......ठीक 7.15 पर ईधन भरना शुरु किया गाया ..........
शटल के रोकेट इन्जन इस तरह से डिजाईन किये जाते है की ये शटल को बहुत ज्यादा जोर से ऊपर कि और धकेले साइंस कि भाषा में काहा जाये तो maximum thrust provide करायें...... और इस काम के लिऐ ईधन के रुप मै लिक्वड H2 और लिक्वड O2 . का इस्तेमाल किया जाता हैं ये दोनो ही बहुत तेजी से जलती है और बहुत कम समय मै ही बहुत ज्यादा energy create करती है जो रोकेट कि तकनीक के लिऐ सबसे फीट बैढता.है ....
कोलम्बीया आपने साथ ईधन.का एक भारी amount carry कर राहा था जारा सी चुक इस एक हजार टन वजनी सिस्टम को बार्बाद कर के रख देती.... लेकिन शटल कामांडर मि. रिक कडी ट्रेनिंग के दम पर इसको सम्भाल.सकने मे सक्षम थे....
इस मिशन.को फ्लाइट S02E01 नाम दिया गाया था और technical issues के चलते इसको 13 बार रोका गाया था ........ लेकिन अतं मे जनवरी 16 को से उडान के लिऐ तैयार हुआ..........
ठीक 10:38:45 AM पर cantrol room मे ये आवज गुंजी
टी माइनस 15 सेकण्ड्स टु गो
14
13
12
11
10
9
8
7
6
मैन इन्जन स्टार्ट
4
3
2
1
एन्ड लिफ्ट आफ फ्लाईट S02E01 लिफ्ट आफ
एक भायनकर गडगडाहट के साथ कोलम्बीया आसमान कि और बढता चला गाया.... इस समय कोलम्बीया को धरती के गुरुत्वाकर्षण से बहार निकलने के लिऐ उसके इंजन बहुत तेजी से काम कर रहे थे जिसके चलते महज आधे मिन्ट मै वो एक बडे स्विंम्ग पुल जितना ईधन खत्म कर राहा था.......
नतीजा यह था कि कोलम्बीया की speed 12,000km/h पर पहुच गई और महज 8 मिन्ट बाद शटल रोकेट से अलग हो गाया
अब शटल अंतरिक्ष मे पहुच गाया था और सभी इसे एक कामयाब टेक आफँ मान रहे थे
लेकिन.अगर सब कुछ ठीक हुआ होता तो आज आप मेरी ये पोस्ट पढ ही क्यों रहे होते....और मैं लिख क्यों राहा होता......
शटल मजे से ऊपर पहुच भी गाया और सब what a landmark launching कह कर खुश भी हो गयें....... लेकिन शटल कि ऊडान के समय.कुछ ऐसा हुआ था जिस पर उस समय किसी का ध्यान नही गाया लेकिन बाद में जो कुछ भायानक हुआ उसका कारण वो ही था
24 घण्टे बाद जब शटल 28,000km/h कि रफ्फतार से धरती के आजू बाजु घुम राहा था तब शटल के लान्ज कि जो विडीयो थी उसकी रुटिन चैकिगं चल रही थी शटल लान्ज के समय तीन कैमरे शटल की विडीयो रिकार्ड करते हैं उनकी power इतनी ज्यादा होती है कि वो उस समय तक शटल को देख सकते है जब तक वो अंतरीक्ष में स्थापित ना हो जायें.....
उन्ही में से एक कैमरे ने दिखाया कि जिस रोकेट के साथ शटल उड राहा था उस में से कुछ टूटकर नीचे कि ओर गीरा और शटल के left पंखे से टकरा गाया .....एक धुल का बादल बना और गायब हो गाया........... जैसा कि किया जाना चाहिऐ था इस बात को शटल इन्जीनयर को बाता गाया, इस fact को पुरी seriousness के साथ समझा गाया.....
लेकिन जिस समय ये टुकडा टुट कर गीरा उस समय वो इतनी ऊपर पहुच गाया था कि शटल का वो हिस्सा कैमरे कि नजर से छुप गाया जहाँ वो टुकडा टकराया था ........... और बस ही वजह से एक बहुत बडा हादसा हुआ.
जब इन्जीनीयर को पता चला की कुछ ऐसा हुआ है तो एक बार चैक करने के बाद उन्होने ईसे एक बडा issue नही माना क्योकि आज से पहले कई बार ऐसा हो चुका था और हर बार ऐसा होता आया था लेकिन कभी भी कुछ ऐसा नही हुआ जो इस पर चिन्तन किया जाये...................लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ था कुछ ऐसा जो कैमरे कि नजर से बच गाया और फीर जो हूआ वो आज history का एक भायानक चैप्टर है...
तीन-चार मिटिंग के बाद ये कह दिया गाया कि ये एक सेफ्टी issue नही हैं मतलब की इससे शटल को कोई खतरा नही और जब शटल लौट कर आयेगा तब इसको ठीक कर दिया जायेगा......
असल में तो कोई ये भी नही जानता था कि कि शटल पर वो टूकडा टक्कराया काहा पर हैं
और वो वैसे भी एक रोकेट कि insulater foam का टुकडा था वोही फोम जो हम बेड के गद्दो में और तकियो मे use करते हैं तो एक फोम का बिगाड लेगी एक हजार टन कै शटल का....इस तरह ये बात भुला दि गई.....
फिर 1 फरवरी को जब शटल वापस आ राहा था टेक्सीस के आसमान के ऊपर किस तरह चीथडे चीथडे हो कर वो फट गाया और कल्पना चावला समेत सात क्रु मेंमबर को डकार गायाये मैंने इस पोस्ट फर्स्ट पार्ट में लिखा है
लेकिन ऐसा हुआ क्यों था और ये इतनी बडी घटना आखिर नासा के experts कि आखों से बच कर कैसें निकल गई........और फोम तो हर बार टूट कर गिरती थी इस बार ही क्यों इतनी तबाही हुई.......
असल में अब आप समझेगें कि क्यों रोकेट साइंस बच्चो का खेल नही हैं
कोलम्बीया के साथ जो हुआ वो कुछ ऐसे हुआ था
1.जब वो फोम का टुकडा टुट कर गीरा तो उस समय शटल करीब 8,000km/h से उड राहा था मतलब शटल उस टुकडे से 8,000km/h से टकराया अगर इस speed से फोम आप से टक्कराय तो आपकी सबसे मजबुत हड्डी भी टुट कर powder बन जायेगी,
2. शटल इतना मजबुत था कि उस झटके को झेल जायें लेकिन वो फोम शटल की आठवी टाइल से टक्कराई जो अपनी शेप के कारण और टाइल से कम मजबुत थी और फोम ने इस में एक hole कर दिया और बाद में वापसी के दौरान ये hole ही ब्लाट कि वजह बना
इस कारण का पहले ही पता लगा लिया गाया था लेकिन पिछले अनुभव को देखते हुये इसे सामान्य माना गाया और थोडी लापरवाही की गई। हालकिं ये सच है कि नासा चाह कर भी कुछ कर ना पाता क्योकि जब शटल धरती से ऊडा था ये तभी तय हो गाया था कि अब इसके स्ट्रकचर में तब तक कोई बदलाव नही किया जा सकता जब तक ये लौट ना आयें.
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Written by: shubham uma pundir
Edited by:simmi chauhan