The science stream junction™ published
■■क्या हम खुद को छु सकते है■■■
इससे पहले कि हम इस question के पीछे कि साइंस को समझे मेरे आप से कुछ बुनयादि सवाल है जिनका answer आप लोग सोचियेगा
1. क्या आपने कभी किसी के हाथ को छूआ है
2. क्या इस समय आप अपने mobile को टच कर रहे है
3. क्या वाकई आप आपने हाथ को अपने हाथ से सहला सकते है
No doubt कि आपका answer हाँ होगा, लेकिन physics क्या कहती है..........................
वैसे physics कुछ कहती नही हमेशा चुपचाप करती है और इस केस मे physics का answer होगा NO! और वो भी बडे वाला NooooOOO!
आप अपने हाथ को कभी भी छु ही नही सकते और कभी भी का मतलब है कभी भी नही,
अगर आप किसी के गले लगे, किसी से हाथ मिलाया, सेब खाया, बाइक चलाई कुछ भी किया कुछ भी.... चाहे जो भी करे लेकिन आप कभी reality मे आप टच नही करते, और अगर आप सच मे हाथ मिलाते हुये अपने दोस्त के हाथ को धोखे से भी टच कर गये तो इसका result होगा कि आप दोनो के हाथ आग के दहकते गोले मे बदल जायेगे ............
दरासल हम सभी अणु से मिलकर बने हमारा पुरा शरीर भी. जब हम हाथ मिलाते है या टच करते है तो आपके हाथ के अणु कि सतह आपके दोस्त के हाथो के अणु सतह के पास आती है लेकिन कभी एक दुजे से मिलते नही क्योकि आप के हाथ के electron आपके दोस्त कै हाथ के electron को दुर फेकते है और जब ये सब हो राहा होता है तो आप को लगता हे कि आप हाथ मिला रहे है
असल मे आप दोनो के हाथ एक fix distance पर रहते है और ये distance कवर करना इन्सान के बस कि बात नही और आगर कर भी लिया तो आपके हाथ जल उठेगें. पर डरो मत ये impossible है
तो अगर इस तरह से देखा जाये तो आप कभी गन्दे नही होते, जन्म से लेकर अब तक आप बिल्कुल भी गन्दे नही हुये, शायद इस ही लिऐ कहा जाता है कि आत्मा का मैल उतारो शरीर का नही क्योकि वो तो कभी गन्दा होता ही नही.
■■क्या हम खुद को छु सकते है■■■
इससे पहले कि हम इस question के पीछे कि साइंस को समझे मेरे आप से कुछ बुनयादि सवाल है जिनका answer आप लोग सोचियेगा
1. क्या आपने कभी किसी के हाथ को छूआ है
2. क्या इस समय आप अपने mobile को टच कर रहे है
3. क्या वाकई आप आपने हाथ को अपने हाथ से सहला सकते है
No doubt कि आपका answer हाँ होगा, लेकिन physics क्या कहती है..........................
वैसे physics कुछ कहती नही हमेशा चुपचाप करती है और इस केस मे physics का answer होगा NO! और वो भी बडे वाला NooooOOO!
आप अपने हाथ को कभी भी छु ही नही सकते और कभी भी का मतलब है कभी भी नही,
अगर आप किसी के गले लगे, किसी से हाथ मिलाया, सेब खाया, बाइक चलाई कुछ भी किया कुछ भी.... चाहे जो भी करे लेकिन आप कभी reality मे आप टच नही करते, और अगर आप सच मे हाथ मिलाते हुये अपने दोस्त के हाथ को धोखे से भी टच कर गये तो इसका result होगा कि आप दोनो के हाथ आग के दहकते गोले मे बदल जायेगे ............
दरासल हम सभी अणु से मिलकर बने हमारा पुरा शरीर भी. जब हम हाथ मिलाते है या टच करते है तो आपके हाथ के अणु कि सतह आपके दोस्त के हाथो के अणु सतह के पास आती है लेकिन कभी एक दुजे से मिलते नही क्योकि आप के हाथ के electron आपके दोस्त कै हाथ के electron को दुर फेकते है और जब ये सब हो राहा होता है तो आप को लगता हे कि आप हाथ मिला रहे है
असल मे आप दोनो के हाथ एक fix distance पर रहते है और ये distance कवर करना इन्सान के बस कि बात नही और आगर कर भी लिया तो आपके हाथ जल उठेगें. पर डरो मत ये impossible है
तो अगर इस तरह से देखा जाये तो आप कभी गन्दे नही होते, जन्म से लेकर अब तक आप बिल्कुल भी गन्दे नही हुये, शायद इस ही लिऐ कहा जाता है कि आत्मा का मैल उतारो शरीर का नही क्योकि वो तो कभी गन्दा होता ही नही.