The science stream junction™ published
=====BUSDUCT=====
BUSDUCT क्या होता है
आप सभी को बताया जाता है कि डैम में पानी के द्वारा टरबाइन घूमती है और वो जेनरेटर को घुमाकर बिजली बनाती है हमे आज तक इतना ही बताया जाता है लेकिन जैसा आप सभी जानते है कि जेनरेटर आमतौर पर जो घर में सप्लाई देता है वो AC देता है लेकिन बड़े स्तर पर जो बिजली बनायी जाती है उसमें जेनरेटर DC सप्लाई देता है और जेनरेटर से बनने के बाद ट्रांसफॉर्मर के द्वारा AC में बदलकर हमारे उपयोग करने लायक बनाया जाता है लेकिन क्या कभी सोचा है कि जेनरेटर से ट्रांसफॉर्मर तक उस High Voltage Current को कैसे ले जाया जाता है अगर आप सोच रहे है कि तार के द्वारा ले कर जाओगे तो बहुत गलत सोच रहे हो क्योंकि वो Current KV(Kilowatt) में नहीं MGW(Megawaat) में होती है और ये आपके तार को जलाने के लिए काफी है तो हम जेनरेटर और ट्रांसफॉर्मर के बीच में Current BUSDUCT का प्रयोग करते हैं और ये जेनरेटर से ट्रांसफॉर्मर के बीच में Current ले जाने के लिए लगाया जाता है
BUSDUCT कितने प्रकार का होता है
ये दो प्रकार का होता है
(1) IPB(ISOLETED PHASE BUSDUCT)
ये 77KV-8000KV तक की सप्लाई के लिए प्रयोग किया जाता है और ये ROUND(गोलाकार) होता है
(2) SPB(SEGREGATED PHASE BUSDUCT)
ये 0-77KV तक की सप्लाई के लिए प्रयोग किया जाता है तथा ये SQUAR(चतुर्भुजाकार) होता है ज्यादातर इसका प्रयोग एक जगह से दूसरी जगह में सप्लाई ले जाने में किया जाता है
BUSDUCT कैसे बनाया जाता है
अब बात आती है कि ये बनाया कैसे जाता है
ये अल्युमीनियम या कॉपर धातु से बनाया जाता है इसमें अंदर एक कंडक्टर लगा होता है जिसमे से करंट बहता है और उसके ऊपर उसी धातु का कवर भी लगाया जाता है जो इसको बहार के वातावरण से बचाता है कंडक्टर और कवर के बीच में कम से कम 250mm का अंतर रखा जाता है जिस से कवर में कोई नुकसान न हो दो ट्रांसफॉर्मर प्रयोग किये जाते है
1. LAVT(LIghting arester voltage transformer) LAVT एक ऐसा ट्रांसफॉर्मर है जो BUSDUCT में वोल्टेज को कंट्रोल करता है सिम्पल तरीके से अगर समझो तो जो काम घर में प्रयोग होने वाला स्टेप्लाइज़र करता है BUSDUCT में वही काम LAVT करता है
2. NGR(Nuturel grinding transeformer)
NGR का प्रयोग हम Earthing के लिए करते है जिससे अधिक वोल्टेज होने पर या कोई तकनिकी खराबी आने पर ये कन्ट्रोल हो जाये
अब प्रश्न ये आता है कि इसमें HIGH VOLTAGE CURRENT होने के बाद भी ये गर्म होता है
तो इसके लिए मैं आपको बता दू की इसे ठंडा करने के लिए इसमें SHEEL OF BUSSHING लगायी जाती है जो कंप्रेसर के द्वारा इसको ठंडा रखती है और बाहर के वातावरण (नमी आदि) को अंदर जाने से रोकती है
इस topic को और गहराई से जानना हो तो कभी आपको किसी डैम में जाने का मौका मिले तो उसे कभी मत छोड़िएगा
धन्यवाद्
Written by: Ashish Tyagi
=====BUSDUCT=====
BUSDUCT क्या होता है
आप सभी को बताया जाता है कि डैम में पानी के द्वारा टरबाइन घूमती है और वो जेनरेटर को घुमाकर बिजली बनाती है हमे आज तक इतना ही बताया जाता है लेकिन जैसा आप सभी जानते है कि जेनरेटर आमतौर पर जो घर में सप्लाई देता है वो AC देता है लेकिन बड़े स्तर पर जो बिजली बनायी जाती है उसमें जेनरेटर DC सप्लाई देता है और जेनरेटर से बनने के बाद ट्रांसफॉर्मर के द्वारा AC में बदलकर हमारे उपयोग करने लायक बनाया जाता है लेकिन क्या कभी सोचा है कि जेनरेटर से ट्रांसफॉर्मर तक उस High Voltage Current को कैसे ले जाया जाता है अगर आप सोच रहे है कि तार के द्वारा ले कर जाओगे तो बहुत गलत सोच रहे हो क्योंकि वो Current KV(Kilowatt) में नहीं MGW(Megawaat) में होती है और ये आपके तार को जलाने के लिए काफी है तो हम जेनरेटर और ट्रांसफॉर्मर के बीच में Current BUSDUCT का प्रयोग करते हैं और ये जेनरेटर से ट्रांसफॉर्मर के बीच में Current ले जाने के लिए लगाया जाता है
BUSDUCT कितने प्रकार का होता है
ये दो प्रकार का होता है
(1) IPB(ISOLETED PHASE BUSDUCT)
ये 77KV-8000KV तक की सप्लाई के लिए प्रयोग किया जाता है और ये ROUND(गोलाकार) होता है
(2) SPB(SEGREGATED PHASE BUSDUCT)
ये 0-77KV तक की सप्लाई के लिए प्रयोग किया जाता है तथा ये SQUAR(चतुर्भुजाकार) होता है ज्यादातर इसका प्रयोग एक जगह से दूसरी जगह में सप्लाई ले जाने में किया जाता है
BUSDUCT कैसे बनाया जाता है
अब बात आती है कि ये बनाया कैसे जाता है
ये अल्युमीनियम या कॉपर धातु से बनाया जाता है इसमें अंदर एक कंडक्टर लगा होता है जिसमे से करंट बहता है और उसके ऊपर उसी धातु का कवर भी लगाया जाता है जो इसको बहार के वातावरण से बचाता है कंडक्टर और कवर के बीच में कम से कम 250mm का अंतर रखा जाता है जिस से कवर में कोई नुकसान न हो दो ट्रांसफॉर्मर प्रयोग किये जाते है
1. LAVT(LIghting arester voltage transformer) LAVT एक ऐसा ट्रांसफॉर्मर है जो BUSDUCT में वोल्टेज को कंट्रोल करता है सिम्पल तरीके से अगर समझो तो जो काम घर में प्रयोग होने वाला स्टेप्लाइज़र करता है BUSDUCT में वही काम LAVT करता है
2. NGR(Nuturel grinding transeformer)
NGR का प्रयोग हम Earthing के लिए करते है जिससे अधिक वोल्टेज होने पर या कोई तकनिकी खराबी आने पर ये कन्ट्रोल हो जाये
अब प्रश्न ये आता है कि इसमें HIGH VOLTAGE CURRENT होने के बाद भी ये गर्म होता है
तो इसके लिए मैं आपको बता दू की इसे ठंडा करने के लिए इसमें SHEEL OF BUSSHING लगायी जाती है जो कंप्रेसर के द्वारा इसको ठंडा रखती है और बाहर के वातावरण (नमी आदि) को अंदर जाने से रोकती है
इस topic को और गहराई से जानना हो तो कभी आपको किसी डैम में जाने का मौका मिले तो उसे कभी मत छोड़िएगा
धन्यवाद्
Written by: Ashish Tyagi