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1905 आइस्टींन का चमत्कारी वर्ष ........ ये वो ही साल था जिसमें आइस्टीन ने लगातार एक के बाद एक चार खोजो से जुडे हुयें अपने रिसर्च पेपर published कियें और न्युटन के बाद सबसे ज्यादा प्रसिध्द होने वाले scientist बनें..........
आइंस्टीन मैथ्स मैं फेल हो गये थें जिसके बाद उन्ह़ोने अपने दोस्त के पापा के यहाँ एक कर्ल्क के तौर पर काम करना शुरू किया था...........
लेकिन हमारे लिऐ ज्यादा जरुरी हैं उनके काम को गहराई से जानना ..... लेकिन फीर भी अगर तुम ये जानना चाहो कि किस हलात में आइस्टीनं ने ये सब खोजा तो यहाँ पर किल्क कर तुम वो विडियो देख सकते हों जिनमें उनके बारे में तुम्हे कुछ खास जानने को मिल सकता हैं.....और उनके काम के बारे मैं भी....
अब हुआ क्या था वो सुने....... 1905 के मार्च महीने में एक 20 साल के लडके ने एक रिसर्च पेपर पब्लिश किया...... जिसके according light एक partical थी wave नहीं .... ये हुग्न की light wave theory को सिरे से खारिज करने का प्रयास एक 20 साल के लडके ने किया था उस समय ये एक माइल स्टोन था और आज भी हैं ...... ये और बात हैं की 100% सही ये थ्योरी भी साबित नही हो पाई
उस ही साल मई मैं एक और पेपर Broglie motion के ऊपर आया......फिर जुन में special theory of relativity पर और finally सितम्बर मैं E=Mc2 की equation पर पेपर आयें
और ज्यादा information ऊपर video में हैं
लेकिन इन चारो थ्योरी में से एक थ्योरी ऐसी थी जिसने Time को लेकर आम इन्सानं की सोच बदल दी....... इन्सान को लगा की वो समय को रोक सकता हैं अपने according इस्तेमाल कर सकता हैं ..... ये वो समय था जब time को एक भगवान का दर्जा दिया गाया था लेकिन उस थ्योरी कै according ये रूक सकता था........
.लेकिन बात सिर्फ यहीं तक ही नही रहीं इस ही खेल के दौरान जन्म हुआ एक और आइडिया का.......Time machine
.लेकिन बात सिर्फ यहीं तक ही नही रहीं इस ही खेल के दौरान जन्म हुआ एक और आइडिया का.......Time machine
जो हमें हमारे future या past में ले जायें
और इन सबके पीछे था ये formula जो आया था Theory of relativity सें
T=T'√[1+(v 2 /c 2 )]
T=T'√[1+(v 2 /c 2 )]
इस के according अगर हमारी speed light की speed से ज्यादा हो जायें तो हम अपने past में चले जायेगें...........और ये एक टाइम ट्रवेल होगा...........
लेकिन क्या हम ऐसा कर सकते हैं......
कुछ इस ही तरह के question हम सभी के मन मैं हैं टाइम ट्रेवल को ले कर ........ नीचे मैंने इस ही तरह के question को explain कीया हैं
Question 01: क्या कोई भी चीज प्रकाश से तेज चल सकती हैं
(Is there anything else which can be travel with speed of light)
बिल्कुल चल सकती हैं और चलती भी हैं मैं आपको तीन example दे सकता हुँ
1. बिग बैंग के तुरन्त बाद हमारा univers light की speed से कई गुणा ज्यादा तेजी से expand हुआ था जिसको plank time कहते हैं सिर्फ 10 -24 सेकण्ड में ये हजारो spectrillion किलोमीटर फैल गाया. जो लाईट की स्पीड से कई गुणा ज्यादा तेज था
2. At present भी हमारा universe light की स्पीड से भी ज्याद तेजी से फैल राहा हैं....यहाँ दो galaxys के बीच बढने वाली दुरी को universe expention समझने में canfuess मत हो जाना...... यादा Detail के लिऐ ये विडीयो देख सकते हों
एक और example हैं quantum eliminate का लेकिन वो थोडा complex हैं इस लिऐ उसे विडीयो से समझना ज्यादा बेहतर हैं
तो final ये हुआ की light की speed से भी ज्यादा तेजी से कुछ चीजे चल सकती हैं...... But wait a minute.......आइस्टीनं ने तो कहा था.की लाईट से तेज कुछ नही.हो सकता लेकिन यहाँ तो मामला उल्टा पड राहा हैं....तो क्या आइस्टीन गलत थे😲😲😨
नहीं वो सही थें गलती हमारी और हमारी किताबो की हैं जो हम ये मान बैठे की लाईट से तेज कुछ भी नही हैं मैं आपको वो लाईन बतता हुं जो उन्होने उस के बारे में कहीं अपने original papers मैं
❝ Any mass or information according to present physics rules can't be travel at speed of light in univers ❞
समझे मतलब की अगर कीसी चीज में भार नही है और वो अपने साथ कोई information भी carry नही करती तो वो लाईट की स्पीड से तेज चल सकती हैं.....
दुसरा point ऊपर एक शब्द इस्तेमाल किया गाया present physics rules मतलब की अगर physics rules ना बदले वो same ही रहें..........
.. .........................😮😮😮😮physics के रूल्स भी बदल सकते हैं क्या?
बिल्कुल ऐसा हो सकता हैं और इस सिध्दान्त को quantum टनलींग कहते हैं( इस concept के बारें में फीर कभी लिखेगें)
और अगर ऐसा हुआ तो science के सारे fundamental rules बदल जायेगें..... तब वो कौन से नयें rules को follow करें ये कोई नही जानता..... शायद तब mass more than c velocity से चल सके.......
अब ये तो fix हो गाया की प्राकाश से तेज भी कुछ चलता हैं........
Question 02: तो क्या हम अब Time machine बना लेगें?
नहीं। क्योकि जो भी हम चीज बनायेगें वो किसी ना किसी mass से तो बनी ही होगी.... और जैसा आइस्टींन ने बताया वो कभी प्रकाश की गाति हासिल नही कर पायेगा और इस वजह से हम कभी समय यात्रा नही कर पायेगें
हाँ अगर हम antimatter को खोज ले और उसे अपने इस्तेमाल में लाने लगें तो हम शायद कामयाब हो सकें........... लेकिन अभी हम anti-matter के बारे में 0% मालुम हैं😥😥
Question 03: अगर हम अपनी machin mass से बानये ही ना सिर्फ ऊर्जा का इस्तेमाल कर के बनायें तब....?
अगर हम सिर्फ ऊर्जा(energy) का use कर कें कोई सिस्टम बना लें तो हो सकता हैं की वो लाईट की स्पीड के पास पहुच जाये़ या उसके बाराबर हो जायें ....... लेकिन तब एक नही problem पैदा हो जायेगीं......
नीचे के ग्राफ में ये दिखाया गाया हैं की जैसे जैसे हम लाईट की स्पीड के पास पहुचते हैं वैसे वैसे समय का बहाव कम होने लगता हैं
मतलब 1 सेकण्ड हमारे लिऐ 0.5 सेकण्ड बन जाता हैं
मतलब 1 सेकण्ड हमारे लिऐ 0.5 सेकण्ड बन जाता हैं
और अगर हमारी गति light की स्पीड के equal हो जायें तो हामारें लिऐ .......टाइम.......रूक जायेगा
मतलब T=0
1 सेकण्ड हमारे लिऐ 0 सेकण्ड के बराबर हो जायेगा
और जब हामारे पास टाइम ही नही होगा तो हम और ज्यादा स्पीड कैसे बढा पायेगें.........
और वैसे भी ऐसा करने कै लिऐ उस टाइम बैरियर को तोडने के लिऐ ∞ ऊर्जा की जरुरत होगी......... तो भाई इस तरह से ये possible नही दिखता.........
एक paradox भी हैं जो time travel को नाकारता हैं Grandfather paradox इसके नाम पर किल्क कर आप इसे समझ सकते हो......
लेकिन हामारे पास ऐसे ढेरो सबुत हैं जो टाइम ट्रेवल को सिध्द करते हैं..... जैसे न्यूट्रीनो partical.........तो वो कैसे ऐसा कर पायें
.............. Read part 2 Here
