The science stream junction™ published
आज की साइंस की ऐसी कोई book नहीं होगीं जो न्युटन के नाम से ना सजी हो.... उसकी अहमियत क्या हैं ये पर कोई artical लिखने की जरूरत नही हैं....न्युटन ने लगभग हर उस किताब पर हाथ आजमाया जो उस समय सांइस पर available थी light से लेकर wave तक हर topic पर उन्होने काम कीया लेकिन अगर किन्ही दो चीजो के लिऐ उन्हे सबसे ज्यादा याद कीया जाता हैं तो वो हैं
1. गाति के नियम(laws of motion)
2. गाति की समीकरणें(equation of motion)
...............लेकिन क्या न्युटन के नियम सच में सही हैं
दो सवाल हैं जो practical रूप में ये सबित करते हैं की न्युटन के नियम सही नही हैं
Question 1. न्युटन के अनुसार अगर मैं 100 कीलोमीटर से धरती पर कुद जाऊ तो में सिर्फ 143 सेकण्ड में ही यानि 2 मिन्ट और 23 सेकण्ड मैं धरती तक पहुच जाऊगां..ओर पुरे रास्ते मेरी स्पीड लगातार बढती जायेगी एक सेकण्ड में 9.8 मीं/ से की दर से लेकिन क्या ऐसा सच में होता हैं............?
Answer is NO!😵😵
पहली बात जो 100 km ऊपर कुदेगा वो 2 मिन्ट 23 सेकण्ड में नही पहुचतां उस इससे ज्यादा समय लगता हैं और ये समय 3 मिन्ट से भी ज्यादा होता हैं.......दुसरी बात जब कोई व्यक्ति उस ऊचाई से कुदेगा तो उसकी स्पीड एक सिमा तक ही बढती हैं उसके बाद वो और ज्यादा नही बढती यानि जब वो बोडी धरती तक आयेगी तब उसका त्वरण शुन्य हो चुका होगा......पर न्युटन तो कुछ ओर कह राहा था..... तो कौन गलत हुआ..?
Question 2. गैलीलीयो का बहुत बडा प्रयोग और न्युटन की दुसरी equation जो ये बताती हैं की अगर सेब और रूई दोनो को एक साथ ऊपर से फैकें तो दोनो एक साथ धरती पर पहुचेगें....... लेकिन आप से experiment खुद अपने घर पर दोहराईयें जो रिजल्ट आयेगें वो न्युटन के नियम के opposite होगें......तो कौन गलत हुआ
ये एक नियम होता हैं Mathematics में की अगर कोई एक चीज नियमों के खिलाफ चली जायें तो उस थ्योरी को गलत मान लिया जाता हैं तो क्यों फिर न्युटन के नियम हमें पढायें जा रहें हैं जब वो गलत हैं ओर सही Answer नही दे पा रहें.......
...............अब ढूढतें हैं इसका solution पहली बात जो आप ठीक से समझो की न्युटन के सिध्दान्त 100% सही हैं...तो अगर सही हैं तो उत्तर गलत क्यों.....
इस का reason यें हैं की हम उन किताबो को पढते हैं जिनके राइटर भी उस विषय में कुछ ज्यादा खास नही जानते.... ये मेरा खुद का अनुभव हैं की लगभग 96% indian text book विदेशी लेखको की copy होती हैं ओर हमें सिर्फ formula और उस formula का derivation रटवा जाता हैं प्रेक्टिकली समझाया नही जाता CBSE की 10th standard की एक बहुत famous book जो बहुत ज्यादा पढी जाती हैं एक बहुत बडी और अच्छी international book जो University physics के नाम से आति है उसकी copy हैं
मैं सीधा point पर आती हुँ हम सब अगर उन equation को अपनी डेली लाइफ के लिऐ सोल्व करें तो हमें कोई भी सही Answer नहीं मिलेगा मतलब की.....
.......क्योकि न्युटन ने सबसे पहले ये तीन equation अपनी बुक Principia मे लिखी थीं ओर उसमें साफ साफ लिखा था in the absence of opposite force मतलब वो equation तब तक valid हैं जब तक कोई दुसरा बल उन पर ना लगाया जा रहा हो..... ये साफ साफ लिखा हैं उस बुक मैं लेकिन जब मैंने चैक किया तो पाया की अधिकतर बुक मैं से तो ये statement ही गायब हैं और जिन किताबों में दिया भी हुआ हैं उसमें भी इसकी importance लगभग जीरो हैं........
अब उन questions का Answer जो मैंने ऊपर लिखे
Question 2. जब सेब ओर रूई दोनो को ऊपर सें फेका जाता हैं तो सेब पहले पहुचता हैं लेकिन equation से ऐसा लगता हैं जैसे दोनो को एक साथ पहुचना चाहिऐ था..........in realty दोनो के साथ ही पहुचेगें लेकिन हवा उन दोनो पर opposite force लगाती हैं....... और न्युटन के अनुसार opposite force होना नही चाहिऐ...........अगर हवा को हटा लिया जायें तो दोनो के साथ गिरेगें....
देखेना चाहोगे..... यहां पर जा कर देख सकते हो...
Question 1. यहां पर भी वो ही सीन हैं हवा का..... लेकिन यहा पर फ्लयुड मैक्निकस् काम करती हैं तो थोडा कोम्पलैक्स हो जाता हैं इसको समझना....... But अगर वहां हवा ना होती तो बिल्कुल वो ही होता जो न्युटन ने कहा था..
अब तो समझ आया की गलती कीस की हैं........वैसे 78% अमेरिकी आज भी ये ही सोचते हैं की सेब पहले गीरेगा और रूई बाद मैं
#NOT_JUST_READ_IT_BUT_FEEL_IT
आज की साइंस की ऐसी कोई book नहीं होगीं जो न्युटन के नाम से ना सजी हो.... उसकी अहमियत क्या हैं ये पर कोई artical लिखने की जरूरत नही हैं....न्युटन ने लगभग हर उस किताब पर हाथ आजमाया जो उस समय सांइस पर available थी light से लेकर wave तक हर topic पर उन्होने काम कीया लेकिन अगर किन्ही दो चीजो के लिऐ उन्हे सबसे ज्यादा याद कीया जाता हैं तो वो हैं
1. गाति के नियम(laws of motion)
2. गाति की समीकरणें(equation of motion)
...............लेकिन क्या न्युटन के नियम सच में सही हैं
दो सवाल हैं जो practical रूप में ये सबित करते हैं की न्युटन के नियम सही नही हैं
Question 1. न्युटन के अनुसार अगर मैं 100 कीलोमीटर से धरती पर कुद जाऊ तो में सिर्फ 143 सेकण्ड में ही यानि 2 मिन्ट और 23 सेकण्ड मैं धरती तक पहुच जाऊगां..ओर पुरे रास्ते मेरी स्पीड लगातार बढती जायेगी एक सेकण्ड में 9.8 मीं/ से की दर से लेकिन क्या ऐसा सच में होता हैं............?
Answer is NO!😵😵
पहली बात जो 100 km ऊपर कुदेगा वो 2 मिन्ट 23 सेकण्ड में नही पहुचतां उस इससे ज्यादा समय लगता हैं और ये समय 3 मिन्ट से भी ज्यादा होता हैं.......दुसरी बात जब कोई व्यक्ति उस ऊचाई से कुदेगा तो उसकी स्पीड एक सिमा तक ही बढती हैं उसके बाद वो और ज्यादा नही बढती यानि जब वो बोडी धरती तक आयेगी तब उसका त्वरण शुन्य हो चुका होगा......पर न्युटन तो कुछ ओर कह राहा था..... तो कौन गलत हुआ..?
Question 2. गैलीलीयो का बहुत बडा प्रयोग और न्युटन की दुसरी equation जो ये बताती हैं की अगर सेब और रूई दोनो को एक साथ ऊपर से फैकें तो दोनो एक साथ धरती पर पहुचेगें....... लेकिन आप से experiment खुद अपने घर पर दोहराईयें जो रिजल्ट आयेगें वो न्युटन के नियम के opposite होगें......तो कौन गलत हुआ
ये एक नियम होता हैं Mathematics में की अगर कोई एक चीज नियमों के खिलाफ चली जायें तो उस थ्योरी को गलत मान लिया जाता हैं तो क्यों फिर न्युटन के नियम हमें पढायें जा रहें हैं जब वो गलत हैं ओर सही Answer नही दे पा रहें.......
...............अब ढूढतें हैं इसका solution पहली बात जो आप ठीक से समझो की न्युटन के सिध्दान्त 100% सही हैं...तो अगर सही हैं तो उत्तर गलत क्यों.....
इस का reason यें हैं की हम उन किताबो को पढते हैं जिनके राइटर भी उस विषय में कुछ ज्यादा खास नही जानते.... ये मेरा खुद का अनुभव हैं की लगभग 96% indian text book विदेशी लेखको की copy होती हैं ओर हमें सिर्फ formula और उस formula का derivation रटवा जाता हैं प्रेक्टिकली समझाया नही जाता CBSE की 10th standard की एक बहुत famous book जो बहुत ज्यादा पढी जाती हैं एक बहुत बडी और अच्छी international book जो University physics के नाम से आति है उसकी copy हैं
मैं सीधा point पर आती हुँ हम सब अगर उन equation को अपनी डेली लाइफ के लिऐ सोल्व करें तो हमें कोई भी सही Answer नहीं मिलेगा मतलब की.....
.......क्योकि न्युटन ने सबसे पहले ये तीन equation अपनी बुक Principia मे लिखी थीं ओर उसमें साफ साफ लिखा था in the absence of opposite force मतलब वो equation तब तक valid हैं जब तक कोई दुसरा बल उन पर ना लगाया जा रहा हो..... ये साफ साफ लिखा हैं उस बुक मैं लेकिन जब मैंने चैक किया तो पाया की अधिकतर बुक मैं से तो ये statement ही गायब हैं और जिन किताबों में दिया भी हुआ हैं उसमें भी इसकी importance लगभग जीरो हैं........
अब उन questions का Answer जो मैंने ऊपर लिखे
Question 2. जब सेब ओर रूई दोनो को ऊपर सें फेका जाता हैं तो सेब पहले पहुचता हैं लेकिन equation से ऐसा लगता हैं जैसे दोनो को एक साथ पहुचना चाहिऐ था..........in realty दोनो के साथ ही पहुचेगें लेकिन हवा उन दोनो पर opposite force लगाती हैं....... और न्युटन के अनुसार opposite force होना नही चाहिऐ...........अगर हवा को हटा लिया जायें तो दोनो के साथ गिरेगें....
देखेना चाहोगे..... यहां पर जा कर देख सकते हो...
Question 1. यहां पर भी वो ही सीन हैं हवा का..... लेकिन यहा पर फ्लयुड मैक्निकस् काम करती हैं तो थोडा कोम्पलैक्स हो जाता हैं इसको समझना....... But अगर वहां हवा ना होती तो बिल्कुल वो ही होता जो न्युटन ने कहा था..
अब तो समझ आया की गलती कीस की हैं........वैसे 78% अमेरिकी आज भी ये ही सोचते हैं की सेब पहले गीरेगा और रूई बाद मैं
#NOT_JUST_READ_IT_BUT_FEEL_IT
Written by: SIMMI CHAUHAN
